प्राइम टाइम/गोगुंदा: सरकारी स्कीम का झांसा देकर धोखाधड़ी कर जमीन की रजिस्ट्री कराने व जमीन के पेटे बैंक में रूपये जमा करवाने के बाद पुन: निकालकर हडप लेने के आरोप में आरोपी बालू भील पुत्र नोजीराम गमेती, उम्र 36 साल निवासी धाम तलाई, रामा, पुलिस थाना सुखेर, उदयपुर को गिरफ्तार किया गया है। गिर्वा डीवाईएसपी सूर्यवीर सिंह राठौड़ ने बताया कि दिनांक 06.04.2025 को सरकारी स्कीम का झांसा देकर धोखाधड़ी कर जमीन की रजिस्ट्री कराने व जमीन के पेटे बैंक में रूपये जमा करवाने के बाद पुन: निकालकर हडप लेने के आरोप में आरोपी बालू भील पुत्र नोजीराम गमेती, उम्र 36 साल निवासी धाम तलाई, रामा, पुलिस थाना सुखेर, उदयपुर को गिरफ्तार किया गया है।

डीवाईएसपी राठौड़ ने बताया कि कसाल पिता मग्गा भील, हीरा पिता बाला भील, चुन्नीलाल पिता भजाराम भील, भूरकी बाई पत्नी नन्दा भील, बसंती पुत्री नंदा भील, भैरूलाल पिता नन्दा भील निवासी खेरावास, दादिया पुलिस थाना गोगुन्दा ने उदयपुर पुलिस अधीक्षक के समक्ष कार्यवाही हेतु परिवाद पेश किया। जिसमें अंकित किया कि ईसवाल में उनकी 05 बीघा जमीन है। इस जमीन पर सरकारी सहायता की राशि दिलाने की बात कह कर आरोपीगण उन्हें अपने साथ लेकर गये तथा सरकारी सहायता दिलाने की बात कह कर उनकी भूमि की धोखे से पावर ऑफ अटॉर्नी व रजिस्ट्री के द्वारा जमीन
बालू भील व उसकी पत्नी कमला के नाम पर रजिस्ट्री करवा दी।

आपको बता दे आरोपीगण ने उनको ई-मित्र पर बुलाकर सरकारी सहायता के नाम पर उनके बैंक खातो से छः लाख रूपये निकलवा दिये। उक्त जमीन धोखे से निकलने के बारे में पता चलने पर प्रार्थीगण ने पुलिस अधीक्षक, उदयपुर के समक्ष परिवाद पेश किया। जिस पर जांच के बाद आरोप सही पाये जाने पर प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान जिला पुलिस अधीक्षक, उदयपुर योगेश गोयल के निर्देशानुसार सूर्यवीर सिंह वृत्ताधिकारी वृत गिर्वा द्वारा आरंभ किया गया। इस प्रकरण में अभियुक्त प्रकाश गमेती को गिरफ्तार किया जा चुका है।
प्रकरण में अनुसंधान से आरोपीगण प्रकाश गमेती निवासी गोगुन्दा, गिरीश सिंह निवासी छिपाला, नरेश मेघवाल निवासी छिपाला, बालू गमेती निवासी रामा, गणेश गमेती निवासी रामा, दिनेश जोशी निवासी बडगांव, राकेश कुमावत निवासी शम्मुपुरा चित्तौडगढ हाल देवाली उदयपुर, लोकेन्द्र सिंह निवासी वाघेरी सागवाडा व अन्य साथियों के द्वारा मिलकर प्रार्थीगण को धोखे में रखकर उनकी भूमि पर सरकारी सहायता के नाम पर राशि दिलानें की बात कह कर चार बीघा जमीन की पावर ऑफ अटॉर्नी बालू भील ने डमी गणेशलाल गमेती निवासी रामा के नाम करवा दी।

जो बाद में गणेशलाल से बालू भील ने अपनी पत्नी कमला के नाम पर पावर ऑफ अर्टॉर्नी से रजिस्ट्री करवा दी। एक बीघा जमीन प्रार्थीगणों से सीधे बालू भील के नाम पर रजिस्ट्री करवा दी। आरोपीगण ने रजिस्ट्री में आठ लाख रूपये की राशि प्रार्थीगण को देना बताया है। जबकि प्रार्थी के खाते में 6 लाख रूपये ही जमा करवाये है। ये रूपये भी आरोपी प्रकाश गमेती व गिरीश सिंह निवासी छिपाला ने मिलकर प्रार्थीगण को अलग अलग समय ई-मित्र गोगुन्दा बुलाकर राशि प्राप्त कर कुछ रूपये अपने पास रखते हुये वापस अपने साथी आरोपीगण राकेश कुमावत व नरेश मेघवाल के मार्फत बालू भील तक पहुंचाना बताया। प्रकाश गमेती ने प्रार्थी के एटीएम अपने कब्जे में लेकर रुपये निकाल लिये। डीवाईएसपी राठौड़ ने बताया कि आरोपीगण की उपस्थिती घटना के समय रजिस्ट्री कार्यालय के पास व प्रार्थीगणों के खातों से ई-मित्र गोगुन्दा से रूपये निकालते हुये भी वहीं मौजूद होना सामने आया है। डीवाईएसपी सूर्यवीर सिंह राठौड़ ने बताया कि आरोपीगण का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। जिसमें बालू भील के विरूद्ध पूर्व में 6 प्रकरण, गिरीश सिंह के विरूद्ध 5 प्रकरण व प्रकाश गमेती के विरूद्ध हत्या का एक प्रकरण दर्ज हो चालान होना सामने आया है। शेष आरोपीगण अपनी सकुनत से फरार चल रहे है। जिनकी तलाश हेतु पुलिस द्वारा प्रयास किया जा रहा है।

