
प्राइम टाइम/गोगुंदा: उदयपुर जिले के गोगुंदा में अवैध क्लीनिक संचालकों के विरुद्ध दूसरे दिन भी कार्यवाही जारी रही। गोगुंदा बीसीएमओ डॉ. मीणा ने बताया कि वे बुधवार को सायरा क्षैत्र के पदराडा में संचालित चांदसी क्लिनिक पर निरीक्षण करने पहुंचे थे इस दौरान वहां टीम को देखकर मरीज भाग गए। क्लिनिक संचालक संतु कुमार अचानक हड़बड़ा गया और सवालों के सही से जबाव नहीं दे पाया। कार्रवाई की भनक लगने पर आस-पास संचालित झोलाछाप डॉक्टर भी अपना क्लिनिक बंद कर फरार हो गए। इस कार्यवाही से सायरा बस स्टैंड पर कृष्ण होमियो क्लिनिक सहित तीन अन्य क्लिनिकों पर भी टीम पहुंची जहां उन्हें अंतिम चेतावनी दी गई।
सायरा के रावछ गांव में भी हुई कार्रवाई
इसके बाद बीसीएमओ डॉ. मीणा सायरा पंचायत समिति के रावछ गांव पहुंचे। उनके पहुंचने पर वहां दो अवैध क्लिनिक संचालक बंद कर भाग गए, जिन्हें सीज किया गया है।
10 वीं पास व्यक्ति डॉक्टर बनकर मरीजों का इलाज कर रहा था

बीसीएमओ डॉ मीणा ने बताया कि कार्यवाही के दौरान झोलाझाप ने सायरा के परदाडा में मादडी छापर स्थित चांदसी क्लिनिक खोल रखा था। उसके पास मेडिकल की कोई डिग्री नहीं मिली। डॉ. मीणा ने झोलाछाप संतु कुमार से शक्ती से पूछताछ की तब उसने बताया कि वह 10 वीं तक ही पढ़ा है और उसके पास कोई मेडिकल डिग्री नहीं है। ये सुनकर बीसीएमओ खुद चौक गए। उन्होंने तुरंत क्लिनिक सीज कर
दिया और सायरा थाने में उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। झोलाछाप को पुलिस ने हिरासत में लिया है।
कार्यवाही के चलते गोगुंदा सायरा मे अवैध क्लीनिक संचालकों में मचा हड़कंप
गोगुंदा एवं सायरा में मंगलवार से हो रही ताबड़तोड़ कार्यवाही के चलते अवैध क्लीनिक संचालकों में हड़कंप मच गया है। कई झोलाछाप अपना क्लीनिक बंद कर भूमिगत हो गए है।
