प्राइम टाइम/गोगुंदा: राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण के दौरान निकले पत्थरों को प्रोसेस कर गिट्टी बनाने का कार्य गोगुंदा क्षेत्र में सर्विस रोड के बिलकुल पास खुले तौर पर जारी है। वहां पर मशीनें, क्रेशर प्लांट, ट्रक और बड़े पत्थरों के ढेर लगे हैं। यह पूरा क्षेत्र राष्ट्रीय राजमार्ग के राइट ऑफ वे (ROW) की सीमा के बेहद समीप है, जहाँ ऐसे कार्य नियमों के तहत प्रतिबंधित हैं।
नियमों की अनदेखी पर सवाल
NHAI और राज्य खनन विभाग के मानकों के अनुसार क्रेशर प्लांट लगाने से पहले पर्यावरण विभाग की CTE/CTO मंजूरी, खनन लाइसेंस, रॉयल्टी भुगतान, सुरक्षा उपाय, ट्रैफ़िक डायवर्ज़न और विशेष अनुमति अनिवार्य होती है। लेकिन सर्विस रोड के किनारे क्रेशर चलाने में इनमें से कोई भी व्यवस्था मौके पर नज़र नहीं आ रही है। इससे धूल फैलने, ट्रैफिक बाधित होने और दुर्घटना के खतरे बढ़ रहे हैं।
क्षेत्रवासियों ने कहा विभाग इस मामले में उचित जाँच और कार्रवाई करवावे।
आबादी के पास ब्लास्टिंग से दहशत

स्थानीय लोगों ने बताया कि ठेकेदार द्वारा हाईवे निर्माण में बड़े पत्थर निकालने के लिए आबादी क्षेत्र के नज़दीक ही ब्लास्टिंग की जा रही है। इससे आसपास स्थित पानी की टंकी, सरकारी भवनों, मकानों और बुनियादी ढांचे को नुकसान की आशंका है।
इनका कहना है
“मामले की जानकारी मिली है। हमने इस मामले को लेकर एनएचआई ओर खनन विभाग से जवाब मांगा है।”
शुभम भैंसारे, उपखंड अधिकारी गोगुंदा
“मामले के जानकारी में आने के बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा दी जाने वाली एनओसी संबंधित जांच की गई लेकिन संबंधित फर्म के नाम की जानकारी नहीं होने से शुक्रवार को टीम मौके पर भेजी जाएगी। मौके के निरीक्षण के बाद ही कुछ कहा जा सकता है”
शरद सक्सेना, आरओ प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड उदयपुर
