प्राइम टाइम/डेस्क: बाड़मेर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव (जज) स्कूल बसों में कैपेसिटी से ज्यादा भरे बच्चों को देख भड़क गईं। वे बोलीं- ये क्या जानवर है जो इस तरीके से ठूंस दिया। कोई कमी रह गई है तो और ठूंस दो।
दरअसल, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव (जज) कृष्णा गुप्ता बुधवार दोपहर 1 बजे शहर की स्कूल बसों का निरीक्षण करने पहुंची थीं। इस दौरान वे डेजी डेंस इंटरनेशनल स्कूल पहुंचीं।
यहां स्कूल बस को मोडिफाई कर उसमें 22 बच्चों को बैठा रखा था। जज ने इस दौरान ड्राइवरों को भी फटकार लगाई।
जज ने कहा- स्कूल प्रशासन ने गुमराह किया। कभी 4 तो कभी 6 गाड़ियां होना बताई, लेकिन 8-10 गाड़ी स्कूल पहुंची थी। सेक्रेटरी ने कहा कि बच्चों की सिक्योरिटी से कोई लेना नहीं है, केवल फीस मतलब है।
उन्होंने स्कूल की गाड़ियों को सीज करने के आदेश दिए। इसके बाद स्कूल की बस, ऑटो, वैन और अन्य 18 गाड़ियों को सीज किया गया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव (जज) ने ड्राइवर से पूछा कितने बच्चे लेकर जाता है। इस दौरान बस में मॉडिफाई सीट का पूछा तो ड्राइवर हटाने की बात कहने लगा। इस पर उन्होंने फटकार लगाई। वे बोलीं- जानवर से बुरी स्थिति बच्चों की है। अंदर इतनी घुटन हो रही है। एक-दो बच्चे बेहोश हो गए या फिर उन्हें कुछ हो गया तो इसका जिम्मेदार कौन होगा।
जज बोलीं- बसों के बारे में जानकारी रखें पेरेंट्स जज कृष्णा गुप्ता ने बताया- मेरी पेरेंट्स से अपील है कि बच्चे कैसे स्कूल जा रहे हैं, स्कूल बस में बैठने के लिए सीट है या नहीं। उसकी कैपेसिटी क्या है। जब कल कोई हादसा होता है तो हम रोते हैं। हमारे साथ यह हो गया। थोड़ा जागरूक बनना चाहिए।100-200 रुपए की खातिर आपके बच्चों की स्थिति दयनीय हो रखी है।
सचिव ने बताया- स्कूल प्रशासन कोई जवाब देने की स्थिति में नहीं है। बाहर निकल कर भी नहीं आया है। इसलिए हम इनके खिलाफ जो भी कार्रवाई होगी वो करेंगे।
