प्राइम टाइम/डेस्क: राजस्थान सरकार की मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। आवेदन शुरू होने के 10 दिनों में ही 5000 से ज्यादा लोग इस योजना के लिए आवेदन कर चुके हैं। इस योजना का उद्देश्य प्रदेश के एक लाख युवाओं को स्वयं का उद्योग स्थापित करने में आर्थिक सहायता प्रदान करना है। इसके तहत विनिर्माण, सेवा एवं व्यापार सेक्टर में सूक्ष्म उद्यमों की स्थापना के लिए 10 लाख रुपये तक का बिना ब्याज के लोन उपलब्ध कराया जा रहा है।
प्रदेश सरकार द्वारा पूरा ब्याज भरा जाएगा। साथ ही, 50,000 रुपये की मार्जिन मनी और CGTMSE (सूक्ष्म और लघु उद्यम क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट) शुल्क के पुनर्भरण का भी प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 12 जनवरी को मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना राजस्थान का शुभारंभ किया था और 15 जनवरी को विभाग द्वारा गाइडलाइन जारी की गई थी। उद्योग एवं वाणिज्य आयुक्त सुरेश कुमार ओला ने बताया राज्य के युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से शुरू की गई इस योजना के प्रति युवाओं की बेहतर प्रतिक्रिया रही है। अब तक 5,089 लोगों ने आवेदन किया है। 22 जनवरी को आवेदन शुरू किए गए थे। जिला महाप्रबंधकों द्वारा इन आवेदनों की जांच कर लोन मंजूरी और वितरण के लिए शीघ्र ही बैंकों को फॉरवर्ड किया जाएगा।
मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के लिए कैसे करें आवेदन
इस योजना का लाभ लेने के लिए प्रदेश के युवा स्वयं की SSO ID और ई-मित्र के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आधार कार्ड, मूल निवास प्रमाण पत्र, आवेदक की फोटो, शैक्षणिक और तकनीकी योग्यता का प्रमाण पत्र, संस्थागत आवेदन की स्थिति में 51 प्रतिशत से अधिक स्वामित्व का दस्तावेज आवश्यक हैं।
योजना के तहत देय लाभ
8वीं से 12वीं कक्षा उत्तीर्ण आवेदकों को सेवा एवं व्यापार क्षेत्र के लिए 3.5 लाख रुपये एवं मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए 7.5 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही, अधिकतम 35 हजार रुपये की मार्जिन मनी भी दी जाएगी। स्नातक, आईटीआई और अधिक शैक्षणिक योग्यता वाले आवेदकों को सेवा एवं व्यापार क्षेत्र के लिए 5 लाख रुपये तथा मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए 10 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही, 50 हजार रुपये तक की मार्जिन मनी भी दी जाएगी।