प्राइम टाइम/डेस्क: राजस्थान के उदयपुर जिले की पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन अपनी सख्त कार्यशैली और प्रभावी पुलिसिंग के लिए जानी जाती हैं। मूल रूप से हरियाणा की रहने वाली डॉ. दुहन वर्ष 2016 बैच की राजस्थान कैडर की आईपीएस अधिकारी हैं। उन्होंने जुलाई 2025 में श्रीगंगानगर जिले के पुलिस अधीक्षक का पदभार संभाला जहां से अब उनका स्थानांतरण उदयपुर में हुआ है। उन्होंने श्रीगंगानगर जिले में कानून व्यवस्था को मजबूत करने, महिला व बाल सुरक्षा तथा साइबर अपराध पर नियंत्रण के लिए वे लगातार सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।
डॉ. अमृता दुहन का जन्म 11 नवंबर 1983 को हुआ था। उन्होंने एमबीबीएस और पैथोलॉजी में एमडी की डिग्री हासिल की है। आईपीएस बनने से पहले वे एक डॉक्टर और बाद में मेडिकल कॉलेज में सहायक प्रोफेसर के रूप में भी कार्य कर चुकी हैं।
बताया जाता है कि बचपन से ही उनका सपना आईपीएस अधिकारी बनने का था। डॉक्टर बनने के बाद भी उन्होंने अपने इस लक्ष्य को नहीं छोड़ा और परिवार की जिम्मेदारियों के साथ तैयारी जारी रखी। शादी के बाद उनके बेटे का जन्म हुआ, जिसके बाद उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा देने का फैसला किया और वर्ष 2016 में सफलता हासिल कर आईपीएस अधिकारी बनीं। उस समय उनकी उम्र करीब 33 वर्ष थी।
सेवा के दौरान डॉ. अमृता दुहन कई महत्वपूर्ण पदों पर तैनात रही हैं। इससे पहले वे प्रतापगढ़ जिले में भी अपनी सेवाएं दे चुकी हैं, जहां वे पुलिस अधीक्षक के रूप में तैनात रहने वाली दूसरी महिला आईपीएस अधिकारी थीं।
कानून व्यवस्था के मामलों में उनकी सख्त कार्यशैली की चर्चा भी रही है। जोधपुर में तैनाती के दौरान उन्होंने कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के गुर्गों पर कार्रवाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।