प्राइम टाइम/गोगुंदा: जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर की 2625वीं जयंती के अवसर पर गोगुंदा सहित आसपास के क्षेत्रों में श्रद्धा, भक्ति और उल्लास का अद्भुत माहौल देखने को मिला। इस पावन अवसर पर सकल जैन समाज के तत्वावधान में भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया गया, जिसमें समाज के सभी वर्गों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रातःकाल जैन मंदिरों में विधि-विधान से पूजा-अर्चना के साथ हुई। प्रताप चौक स्थित चिंतामणि पारसनाथ जैन मंदिर में भगवान चिंतामणि पारसनाथ की आकर्षक आंगी सजाई गई, जिसने श्रद्धालुओं को विशेष रूप से आकर्षित किया।
इसके बाद प्रताप चौक मंदिर से भव्य शोभायात्रा रवाना हुई। शोभायात्रा में सजे-धजे घोड़े, बैंड-बाजों की मधुर धुनें और पारंपरिक वेशभूषा में शामिल महिलाएं, पुरुष, युवा और बच्चे श्रद्धा का अनूठा दृश्य प्रस्तुत कर रहे थे। शोभायात्रा बोहरवाड़ी, खटीक मोहल्ला, ब्रह्मपुरी, ठाकुर देवरा, राजपूतों का मोहल्ला, बस स्टैंड, भेरुजी की घाटी और मुख्य बाजार से होते हुए पुनः प्रताप चौक स्थित मंदिर पहुंची।
पूरे मार्ग में श्रद्धालु “महावीर स्वामी के जयकारे” और “अहिंसा परमो धर्म” के उद्घोष लगाते रहे, जिससे पूरा कस्बा भक्तिमय वातावरण में डूबा रहा। इस दौरान सुंदरलाल मेहता द्वारा बोलियां लगाई गईं। कार्यक्रम में समाज के अध्यक्ष नाथूलाल मेहता, महेंद्र चौरडिया, चंद्रेश फतावत सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।
शोभायात्रा के समापन पर मंदिर परिसर में भगवान की महाआरती का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने भाग लेकर धर्मलाभ अर्जित किया। आयोजन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के तहत गोगुंदा थाना से एएसआई गोविन्द सिंह राव सहित पुलिस जाब्ता तैनात रहा।