प्राइम टाइम/गोगुंदा: राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (RALSA) के तत्वावधान में चलाए जा रहे ‘लीगल लिटरेसी इनिशिएटिव-2026’ अभियान के अंतर्गत मंगलवार को स्थानीय विद्यालय में ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूजडे कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को साइबर अपराध, ऑनलाइन धोखाधड़ी तथा किशोर न्याय अधिनियम (जेजे एक्ट) के प्रति जागरूक करना रहा।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पूनम मीना उपस्थित रहीं। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि डिजिटल युग में किसी भी लिंक पर क्लिक करने से पहले सतर्क रहना बेहद आवश्यक है। साथ ही उन्होंने साइबर बुलिंग, ऑनलाइन फ्रॉड और सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
इस अवसर पर तालुका सचिव दशरथ सिंह ने विधिक सेवाओं की जानकारी देते हुए विद्यार्थियों को विधिक सहायता केंद्रों के बारे में बताया।
विद्यालय के प्राचार्य अकील अली बोहरा ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में जागरूकता, आत्मविश्वास और जिम्मेदारी की भावना विकसित करते हैं।
कार्यक्रम के दौरान साइबर सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा की गई, जिसमें डिजिटल अरेस्ट स्कैम और ऑनलाइन ठगी से बचाव के उपाय बताए गए। साथ ही ‘कोर्ट वाली दीदी’ पहल के अंतर्गत विद्यालय में कानूनी सहायता एवं शिकायतों के लिए विशेष बॉक्स की जानकारी भी दी गई।
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने न्यायाधीश से विभिन्न कानूनी विषयों पर प्रश्न पूछे, जिनका सरल भाषा में समाधान किया गया।