दूध के व्यापार में प्रतिस्पर्धा बनी रंजिश की वजह, 1 लाख में तय हुई सुपारी; तीन आरोपी फरार
प्राइम टाइम/गोगुंदा: उदयपुर जिले के गोगुंदा थाना क्षेत्र में 10 दिन पूर्व 65 वर्षीय वृद्ध पर हुए जानलेवा हमले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में मुख्य साजिशकर्ता सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि तीन अन्य आरोपी अभी फरार हैं। जांच में सामने आया है कि यह वारदात आपसी व्यापारिक रंजिश के चलते सुपारी देकर करवाई गई थी।
पुलिस अधीक्षक उदयपुर के निर्देशानुसार अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) गोपाल स्वरूप मेवाड़ा एवं वृताधिकारी गोगुंदा के मार्गदर्शन में थानाधिकारी श्याम सिंह के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने कार्रवाई करते हुए मामले का पर्दाफाश किया।
ऐसे हुई वारदात
पुलिस के अनुसार 3 अप्रैल 2026 को प्रार्थी द्वारा रिपोर्ट दर्ज करवाई गई कि उसके बड़े पिता शंकरलाल (65) निवासी सेमटाल, दूध संग्रहण के लिए वणी गांव गए थे। शाम को दूध लेकर लौटते समय आशापुरा होटल के पास मोटरसाइकिल सवार तीन अज्ञात बदमाशों ने उनकी बाइक को टक्कर मारकर रोक लिया।
आरोपियों ने चाकू दिखाकर रुपये छीनने का प्रयास किया और विरोध करने पर शंकरलाल के साथ मारपीट कर उन पर चाकू से हमला कर दिया। हमले में घायल शंकरलाल को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।
जांच में सामने आई साजिश
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष टीम गठित कर आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और तकनीकी साक्ष्य जुटाए। जांच में खुलासा हुआ कि यह वारदात पूर्व नियोजित थी और इसके पीछे व्यापारिक रंजिश थी।
व्यापारिक प्रतिस्पर्धा बनी कारण
पुलिस जांच में सामने आया कि पीड़ित शंकरलाल और आरोपी लक्ष्मण सिंह दोनों दूध के व्यवसाय से जुड़े हैं। शंकरलाल का व्यवसाय अच्छा चलने के कारण लक्ष्मण सिंह उससे ईर्ष्या रखता था और इसी कारण उसने उसे रास्ते से हटाने की योजना बनाई।
सुपारी देकर रची साजिश
मुख्य आरोपी लक्ष्मण सिंह ने अपने साथी मनोहर सिंह के माध्यम से अन्य आरोपियों से संपर्क किया। करीब एक लाख रुपये में सुपारी तय कर आरोपियों को वारदात के लिए तैयार किया गया।
2 अप्रैल को आरोपी गोगुंदा पहुंचे और घटना की योजना बनाई। 3 अप्रैल को मौका देखकर आरोपियों ने शंकरलाल की मोटरसाइकिल को टक्कर मारकर रोक लिया और चाकू से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया।
ये आरोपी हुए गिरफ्तार
टिकमचंद पुत्र मनोहर लाल, निवासी रामा, थाना सुखेर, उदयपुर एवं लक्ष्मण सिंह पुत्र नाहर सिंह, निवासी वणी, थाना गोगुंदा, उदयपुर।
ये आरोपी फरार
मनीष गमेती पुत्र कालू गमेती, निवासी रामा, थाना सुखेर
विरेंद्र सिंह उर्फ विजु पुत्र पन्ना सिंह, निवासी खंडावली, थाना खमनोर, राजसमंद। मनोहर सिंह पुत्र गणेश सिंह, निवासी वणी, हाल मुंबई।
पुलिस टीम की विशेष भूमिका
इस पूरे प्रकरण के खुलासे में थानाधिकारी श्याम सिंह के नेतृत्व में टीम के सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इनमें फतेलाल (थानाधिकारी झाड़ोल), हरीसिंह, विशेष कुमार, भरत सिंह (सहायक उप निरीक्षक), रघुनाथ (हेड कांस्टेबल), भूपेंद्र सिंह, प्रवीण कुमार, सत्यनारायण, विरेंद्र (विशेष भूमिका), नारायण सिंह, रामस्वरूप, योगेंद्र, सतीश, दिपेंद्र, परमार, प्रताप सिंह, शिवसिंह (कांस्टेबल) तथा लोकेश रायवाल (साइबर सेल उदयपुर) शामिल रहे।