प्राइम टाइम/गोगुंदा : उदयपुर जिले गोगुंदा क्षेत्र के खाखड़ी गांव में राजस्थान भील विकास सेवा समिति द्वारा भव्य प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में समाज के सैकड़ों महिला-पुरुषों और युवाओं ने भाग लिया। समारोह में शिक्षा के महत्व, समाज सुधार, युवाओं के उज्ज्वल भविष्य तथा सामाजिक एकता पर विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने समाज में बढ़ती कुरीतियों को समाप्त करने और शिक्षा को प्रत्येक घर तक पहुंचाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण के रूप में 10वीं, 12वीं तथा स्नातक स्तर (बीए/बीएसटीसी) में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। अतिथियों ने विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र एवं सम्मान देकर उनका उत्साहवर्धन किया। पदाधिकारियों ने कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं को आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं और शिक्षा के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार करते हैं।
समारोह को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि भील समाज के पिछड़ेपन का सबसे बड़ा कारण शिक्षा की कमी है। शिक्षा के अभाव में युवाओं को रोजगार के अवसर नहीं मिल पाते, जिससे आर्थिक स्थिति कमजोर बनी रहती है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजने और उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित करने की अपील की। साथ ही युवाओं से नशे और सामाजिक बुराइयों से दूर रहकर शिक्षा एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने का आह्वान किया गया।
कार्यक्रम में समाज के प्रतिनिधियों ने स्थानीय विधायक एवं कार्यक्रम के अतिथि प्रताप भील से मांग करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालयों में 11वीं और 12वीं कक्षा में कृषि संकाय (एग्रीकल्चर स्ट्रीम) शुरू करवाने के लिए विधानसभा में आवाज उठाई जाए। उनका कहना था कि अधिकांश ग्रामीण परिवार खेती से जुड़े हुए हैं और कृषि शिक्षा मिलने से विद्यार्थियों को रोजगार एवं स्वरोजगार के बेहतर अवसर मिल सकेंगे।
समिति के अध्यक्ष एवं पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि राजस्थान भील विकास सेवा समिति एक सामाजिक मंच है, जिसका उद्देश्य समाज में शिक्षा, एकता और जागरूकता को बढ़ावा देना है। उन्होंने समाज के जनप्रतिनिधियों से अपील की कि समाज के कार्यक्रमों में राजनीतिक विचारधारा से ऊपर उठकर केवल समाज हित में कार्य करें और समाज को संगठित बनाने में सहयोग दें।
इस दौरान खाखड़ी स्थित रामदेवजी मंदिर परिसर में ‘छोकले’ की नई कार्यकारिणी का गठन भी किया गया। नवनियुक्त पदाधिकारियों को समाज सेवा, एकता और संगठन के हित में कार्य करने की शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम में उपस्थित समाजजनों ने नई कार्यकारिणी का स्वागत करते हुए संगठन को मजबूत बनाने का संकल्प लिया।
समारोह को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि भील समाज के पिछड़ेपन का सबसे बड़ा कारण शिक्षा की कमी है। शिक्षा के अभाव में युवाओं को रोजगार के अवसर नहीं मिल पाते, जिससे आर्थिक स्थिति कमजोर बनी रहती है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजने और उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित करने की अपील की। साथ ही युवाओं से नशे और सामाजिक बुराइयों से दूर रहकर शिक्षा एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने का आह्वान किया गया।
कार्यक्रम में समाज के प्रतिनिधियों ने स्थानीय विधायक एवं कार्यक्रम के अतिथि प्रताप भील से मांग करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालयों में 11वीं और 12वीं कक्षा में कृषि संकाय (एग्रीकल्चर स्ट्रीम) शुरू करवाने के लिए विधानसभा में आवाज उठाई जाए। उनका कहना था कि अधिकांश ग्रामीण परिवार खेती से जुड़े हुए हैं और कृषि शिक्षा मिलने से विद्यार्थियों को रोजगार एवं स्वरोजगार के बेहतर अवसर मिल सकेंगे।
समिति के अध्यक्ष एवं पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि राजस्थान भील विकास सेवा समिति एक सामाजिक मंच है, जिसका उद्देश्य समाज में शिक्षा, एकता और जागरूकता को बढ़ावा देना है। उन्होंने समाज के जनप्रतिनिधियों से अपील की कि समाज के कार्यक्रमों में राजनीतिक विचारधारा से ऊपर उठकर केवल समाज हित में कार्य करें और समाज को संगठित बनाने में सहयोग दें।
इस दौरान खाखड़ी स्थित रामदेवजी मंदिर परिसर में ‘छोकले’ की नई कार्यकारिणी का गठन भी किया गया। नवनियुक्त पदाधिकारियों को समाज सेवा, एकता और संगठन के हित में कार्य करने की शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम में उपस्थित समाजजनों ने नई कार्यकारिणी का स्वागत करते हुए संगठन को मजबूत बनाने का संकल्प लिया।

समारोह में राजस्थान भील विकास सेवा समिति के प्रदेश अध्यक्ष, संगठन मंत्री, स्थानीय विधायक, प्रधान सहित समाज के विभिन्न क्षेत्रों से आए गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन समाज की एकता, शिक्षा और विकास के संदेश के साथ हुआ।
इस अवसर पर राजस्थान भील समाज विकास समिति प्रदेश अध्यक्ष हेमराज खराड़ी,संरक्षक मोहन लाल भील, प्रदेश महासचिव बालू राम भील, प्रदर्श उपाध्यक्ष पप्पू राणा, ब्लॉक संरक्षक शिव लाल गमेती, भीलू राणा सेवा समिति अध्यक्ष पुष्पेंद्र गमेती सहित उपस्थित रहे।