गोगुंदा मे महाराणा प्रताप जयंती पर विशाल शोभायात्रा एवं सम्मेलन की तैयारियां पूरी
प्राइम टाइम/गोगुंदा: मेवाड़ की राजनीति में आज का दिन एक महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में देखा जा रहा है। पूर्व केंद्रीय मंत्री, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं मेवाड़ कांग्रेस के सबसे प्रभावशाली नेताओं में शुमार सीपी जोशी का गोगुंदा आगमन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि राजनीतिक दृष्टि से भी खास मायने रखता है। वर्षों बाद बन रहे सकारात्मक माहौल को कांग्रेस कार्यकर्ता मेवाड़ में संगठन की मजबूती और नई एकजुटता के संकेत के रूप में देख रहे हैं। सीपी जोशी आज महाराणा प्रताप जयंती के अवसर पर गोगुंदा पहुंच रहे हैं। वे वरिष्ठ कांग्रेस नेता लाल सिंह झाला एवं पूर्व मंत्री डॉ. मांगीलाल गरासिया के निमंत्रण पर महाराणा प्रताप राजतिलक सेवा समिति द्वारा आयोजित समारोह में बतौर अतिथि शामिल होंगे। ऐतिहासिक राजतिलक स्थली पर आयोजित यह कार्यक्रम सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। मेवाड़ की राजनीति पर नजर रखने वाले लोग जानते हैं कि सीपी जोशी और लाल सिंह झाला का संबंध केवल राजनीतिक नहीं बल्कि लंबे समय के विश्वास और सहयोग का रहा है। राजनीतिक जानकारों के अनुसार मेवाड़ में कांग्रेस संगठन को मजबूत बनाने और सीपी जोशी के नेतृत्व को जन-जन तक पहुंचाने में लाल सिंह झाला ने पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ योगदान दिया। यही कारण है कि दोनों नेताओं की जोड़ी लंबे समय तक मेवाड़ कांग्रेस की सबसे प्रभावशाली राजनीतिक ताकत मानी जाती रही। कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच यह भी चर्चा रही है कि मेवाड़ में आदिवासी नेतृत्व को मजबूत करने के लिए दोनों नेताओं ने हमेशा साथ मिलकर काम किया। पिछले कुछ वर्षों में विभिन्न कारणों से झाला ओर जोशी के बीच दूरी की चर्चाएं होती रहीं, लेकिन कार्यकर्ताओं की हमेशा यही इच्छा रही कि मेवाड़ कांग्रेस के दोनों नेता फिर से एक मंच पर दिखाई दें। आज गोगुंदा में बन रहा माहौल उसी उम्मीद को मजबूत करता नजर आ रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मेवाड़ में कांग्रेस की सबसे बड़ी ताकत उसकी एकजुटता रही है। सीपी जोशी का राष्ट्रीय स्तर का अनुभव, लाल सिंह झाला की संगठनात्मक पकड़ ओर जनाधार यदि एक दिशा में कार्य करता है तो इसका सकारात्मक प्रभाव पूरे गोगुंदा विधानसभा क्षेत्र में देखने को मिल सकता है। महाराणा प्रताप की वीरभूमि गोगुंदा से उठ रहा यह संदेश केवल एक कार्यक्रम तक सीमित नहीं माना जा रहा। कांग्रेस कार्यकर्ताओं के लिए यह अवसर संगठनात्मक मजबूती, आपसी समन्वय और भविष्य की राजनीतिक संभावनाओं का प्रतीक बन गया है। अब सभी की निगाहें इस बात पर हैं कि वर्षों बाद दिखाई दे रही यह निकटता मेवाड़ की राजनीति में क्या नया अध्याय लिखती है। इतना तय है कि महाराणा प्रताप जयंती पर राजतिलक स्थली से निकला यह एकता का संदेश कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नए उत्साह और नई उम्मीद का संचार कर रहा है।
गोगुंदा में महाराणा प्रताप जयंती पर भव्य आयोजन, शोभायात्रा व जनसभा का होगा आयोजन
गोगुंदा क्षेत्र में बुधवार को वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती राजतिलक सेवा समिति के तत्वावधान में उत्साहपूर्वक मनाई जाएगी। कार्यक्रम को लेकर व्यापक तैयारियां की गई हैं और विभिन्न स्थानों पर अतिथियों के स्वागत की व्यवस्था की गई है। समारोह में भाग लेने वाले अतिथियों का बड़गांव, लोयरा, थूर, कविता, ईसवाल, भादवीगुड़ा और धोली घाटी सहित विभिन्न स्थानों पर स्वागत किया जाएगा।
कार्यक्रम की शुरुआत धोली घाटी से निकलने वाली भव्य शोभायात्रा से होगी, जो गोगुंदा बायपास होते हुए महाराणा प्रताप की प्रतिमा स्थल पहुंचेगी। यहां प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की जाएगी। इसके बाद शोभायात्रा राजतिलक स्थली पहुंचेगी, जहां भील राणा की प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित किए जाएंगे।
कार्यक्रम के तहत महादेवजी की बावड़ी पर पूजा-अर्चना के पश्चात विशाल जनसभा का आयोजन किया जाएगा। जनसभा में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, राजस्थान विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष डॉ. सी.पी. जोशी, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, महाराणा प्रताप बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष लालसिंह झाला और पूर्व सांसद व देहात जिला कांग्रेस अध्यक्ष रघुवीर सिंह मीणा सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे।

इधर, समारोह में भाग लेने के लिए उदयपुर पहुंचे डॉ. सी.पी. जोशी का मंगलवार को डबोक हवाई अड्डे पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया। इस दौरान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव लालसिंह झाला, पूर्व मंत्री डॉ. मंगीलाल गरासिया, भूमि विकास बैंक के अध्यक्ष मथुरेश नागदा और ब्लॉक अध्यक्ष रामसिंह चदाणा, कांग्रेस प्रवक्ता टीटू सुथार सहित अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।