प्राइम टाइम/गोगुंदा: गुजरात एटीएस (आतंकवाद निरोधी दस्ता) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए ट्रामाडोल टैबलेट की अंतरराज्यीय तस्करी के मामले में फरार चल रहे मेडिकल कारोबारी परेश पारसमल जैन को उदयपुर के गोगुंदा क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। आरोपी पर करीब 8.32 करोड़ रुपये मूल्य की अवैध ट्रामाडोल टैबलेट की तस्करी करने का गंभीर आरोप है। न्यायालय में पेश करने के बाद पुलिस को आरोपी की सात दिन की प्रारंभिक रिमांड मिली है।
बस से भेजी जा रही थी खेप
गुजरात एटीएस के डीएसपी यश चौधरी को मिली गुप्त सूचना के आधार पर एसपी के. सिद्धार्थ के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया था। जांच में सामने आया कि मूल रूप से सादड़ी (राजस्थान) का रहने वाला और वर्तमान में पारड़ी वसाड में रह रहा आरोपी परेश जैन उत्तराखंड से ट्रामाडोल खरीदकर अंकलेश्वर में उसका स्टॉक रखता था। आरोपी ने फर्जी बिल के आधार पर 25 जून को गुजरात से ‘एमआर ट्रेवल्स’ की बस के जरिए ट्रामाडोल टैबलेट की एक बड़ी खेप पाली (राजस्थान) के लिए रवाना की थी।
तलाशी में मिली 8.32 करोड़ की दवाएं
अहमदाबाद क्राइम ब्रांच और अहमदाबाद सिटी एसओजी की मदद से संदिग्ध बस की तलाशी ली गई। कार्रवाई के दौरान बस से 6 बड़े कार्टन बरामद हुए, जिनके भीतर रखे 416 छोटे बॉक्स से कुल 20 लाख 8 हजार (2,08,000) [संशोधित] या भारी मात्रा में ट्रामाडोल टैबलेट्स जब्त की गईं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में जब्त की गई इन टैबलेट्स की कीमत करीब 8.32 करोड़ रुपये आंकी गई है।
एक महीने में सप्लाई की लाखों टैबलेट
कार्रवाई की भनक लगते ही आरोपी परेश जैन राजस्थान भाग गया था, जिसे एटीएस की टीम ने गोगुंदा (उदयपुर) के पास से दबोच लिया। पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि वह पिछले एक महीने में 25 अलग-अलग खेपों के जरिए करीब 62.54 लाख ट्रामाडोल टैबलेट राजस्थान और उत्तर प्रदेश में सप्लाई कर चुका है।
पुराना आपराधिक इतिहास
एटीएस के मुताबिक, आरोपी परेश जैन का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। वह इससे पहले भी उत्तराखंड के हरिद्वार और महाराष्ट्र के ठाणे में ‘कोडीन’ (नशीली दवा) की तस्करी के मामलों में गिरफ्तार हो चुका है। सरकार की नारकोटिक्स के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति के तहत एटीएस अब इस पूरे अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क को खंगालने में जुटी है और आने वाले दिनों में कई और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।