उदयपुर, 15 जुलाई 2026: देवास तृतीय एवं चतुर्थ बांध तथा सुरंग परियोजना से प्रभावित और विस्थापित परिवारों के पुनर्वास एवं पुनर्व्यवस्थापन की प्रक्रिया को गति देने के लिए प्रशासन ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। इस क्रम में मंगलवार को ग्राम नाल एवं ग्राम पंचायत अम्बावा में बैठकें आयोजित कर प्रभावित परिवारों को विस्तृत जानकारी दी गई।

बैठक में उपखण्ड अधिकारी एवं परियोजना प्रशासक जगदीश सिंह आशिया ने बताया कि पुनर्वास हेतु भूखंडों का आवंटन कंप्यूटर आधारित लॉटरी प्रणाली के माध्यम से पूर्ण पारदर्शिता के साथ किया जाएगा। साथ ही प्रभावित परिवारों को पेयजल, सड़क, नाली, बिजली, स्वास्थ्य सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं राज्य सरकार के नियमानुसार उपलब्ध कराई जाएंगी।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि प्रभावित परिवार के मुखिया तथा उसके सभी सदस्यों को एक ही स्थान पर भूखंड आवंटित करने का प्रावधान रखा गया है, ताकि परिवार एकजुट रह सके। बैठक के दौरान ग्रामीणों ने अपने सुझाव भी प्रस्तुत किए, जिनमें समानता के आधार पर व्यवस्थित तरीके से भूखंड आवंटन की मांग प्रमुख रही।

इसी क्रम में ग्राम पंचायत अम्बावा में भी बैठक आयोजित की गई, जहां पुनर्वास योजना, भूखंड आवंटन प्रक्रिया और उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने सकारात्मक भागीदारी निभाते हुए सुझाव दिए।
प्राप्त सुझावों और सहमति के आधार पर प्रशासन ने निर्णय लिया कि भूखंड आवंटन के लिए कंप्यूटराइज्ड लॉटरी का आयोजन 21 जुलाई 2026 को किया जाएगा। इसके तहत सुबह 11:00 बजे अटल सेवा केंद्र नाल में ग्राम नाल, नाथियाल, उंडिथल एवं डेलावास के लिए तथा दोपहर 3:00 बजे अटल सेवा केंद्र अम्बावा में ग्राम नवापाड़ा एवं अवांबा के लिए लॉटरी निकाली जाएगी।
प्रशासन ने आश्वस्त किया कि पुनर्वास एवं पुनर्व्यवस्थापन से जुड़ी सभी प्रक्रियाएं पूर्ण पारदर्शिता, निष्पक्षता और प्रभावित परिवारों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए संपन्न कराई जाएंगी।