गोगुंदा। ग्राम पंचायत मेवाड़ों का मठ क्षेत्र में जर्जर सड़कों की बदहाल स्थिति को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश चरम पर पहुंच गया है। लंबे समय से सड़क मरम्मत और पुलिया निर्माण नहीं होने से आमजन का जीवन प्रभावित हो रहा है। सरपंच पार्वतीबाई की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में ग्रामीणों ने आंदोलन तेज करने का निर्णय लेते हुए प्रशासन को चेतावनी दी है।

एडवोकेट नरसा राम गरासिया ने बताया कि शिरवाल से मेवाड़ों का मठ तक सड़क की हालत अत्यंत खराब हो चुकी है। जगह-जगह गड्ढे और उखड़ी सड़क के कारण आवागमन जोखिम भरा हो गया है। विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं और गंभीर मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई बार स्थिति इतनी गंभीर हो जाती है कि मरीजों की जान पर बन आती है।

गरासिया ने बताया कि हलदुरा फला में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत डामरीकरण कार्य करीब 700 मीटर तक कर अधूरा छोड़ दिया गया है, जिससे ग्रामीणों में रोष है। वहीं हेरालकला की पुलिया जर्जर अवस्था में है और कभी भी बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद अधिकारी “स्टेट हाईवे स्वीकृति” का हवाला देकर कार्य को टाल रहे हैं।
ग्रामीणों ने शिरवाल-खीला भीमाना मार्ग को स्टेट हाईवे घोषित कर शीघ्र निर्माण शुरू करने और क्षेत्र की सभी जर्जर सड़कों की तत्काल मरम्मत की मांग की है।
इसके साथ ही क्षेत्र के सीनियर सेकेंडरी विद्यालय में शिक्षकों की भारी कमी का मुद्दा भी बैठक में उठा। 13 स्वीकृत पदों के मुकाबले केवल 2-3 शिक्षक ही कार्यरत हैं, जिससे लगभग 360 विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।

बैठक में एडवोकेट नरसाराम गरासिया, नवयुवक मंडल के सदस्य एवं वार्ड पंच सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी