अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ की खंड स्तरीय बैठक आयोजित, संगठन विस्तार व समस्याओं के समाधान पर जोर
बैठक में अध्यक्ष शिवशंकर पालीवाल ने शिक्षकों से विद्यालय में पूर्ण क्षमता के साथ कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की किसी भी समस्या के समाधान के लिए संगठन सदैव तत्पर है और उनकी अपेक्षाओं पर खरा उतरने का प्रयास करेगा। उन्होंने टीएसपी से नॉन-टीएसपी में जाने से वंचित सदस्यों के मुद्दे को प्रदेश स्तर पर उठाए जाने की जानकारी देते हुए इसके शीघ्र समाधान का विश्वास दिलाया।
मुख्य अतिथि करण सिंह झाला ने संगठन के विस्तार पर बल देते हुए अधिक से अधिक शिक्षकों को महासंघ से जोड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि संगठन अनुशासन से चलता है, इसलिए प्रत्येक सदस्य को अपने दायित्व का ईमानदारी से निर्वहन करना चाहिए। साथ ही उन्होंने मातृशक्ति की भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया।
बैठक में शिक्षा सहयोगियों को स्थायी करने की मांग पर भी चर्चा हुई। वक्ताओं ने बताया कि संगठन लगातार विभिन्न मंचों पर यह मुद्दा उठा रहा है और प्रदेशाध्यक्ष रमेश पुष्करणा द्वारा भी सरकार से वार्ता के दौरान इसे प्रमुखता से रखा जा रहा है।
स्थानीय अध्यक्ष भवानीशंकर पालीवाल ने उपस्थित सदस्यों से 10 सक्रिय कार्यकर्ताओं के नाम प्रस्तावित करने को कहा, जिन्हें जिला स्तर पर भेजा जाएगा। इन्हीं में से आगामी पदाधिकारियों का चयन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि कई विद्यालयों में खाद्यान्न की कमी के कारण मध्याह्न भोजन (एमडीएम) प्रभावित हुआ था, जिस पर संगठन द्वारा जिला स्तर पर मांग पत्र देने के बाद अब वितरण पुनः सुचारु हो गया है।
बैठक का संचालन भवानीशंकर पालीवाल ने किया, जबकि शाखा उपाध्यक्ष सुन्दर प्रजापत ने आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर क्षेत्रीय संगठन मंत्री अजय सिंह झाला, विशेष आमंत्रित अरविन्द मेनारिया, वाकपीठ अध्यक्ष टेकचन्द माली, भवानी सिंह झाला, किशन सुथार, बालूराम गमेती, मनोहर सिंह राजपूत, भगवतीलाल जाट, पुष्कर सैन, राकेश पालीवाल सहित अनेक पदाधिकारी व शिक्षकगण उपस्थित रहे।