प्राइम टाइम/उदयपुर: उदयपुर भूमि विकास बैंक के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष चुनाव को लेकर गुरुवार को दिनभर राजनीतिक सरगर्मी और तनावपूर्ण माहौल बना रहा। चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद बैंक परिसर के बाहर भाजपा और कांग्रेस समर्थकों के बीच तीखी नोकझोंक, धक्का-मुक्की और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि भारी पुलिस बंदोबस्त के चलते स्थिति नियंत्रण में रही।

चुनाव के दौरान कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार मधुरेश नागदा को तीसरी बार अध्यक्ष निर्वाचित किया गया, जबकि करण सिंह को निर्विरोध उपाध्यक्ष चुना गया। सुबह से ही बैंक परिसर के बाहर कांग्रेस और भाजपा समर्थकों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी, जिससे माहौल गरमाता गया।
नामांकन प्रक्रिया के दौरान भाजपा नेताओं ने कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों की पात्रता पर सवाल उठाते हुए निर्वाचन अधिकारी विनोद कुमार कोठारी को लिखित आपत्ति सौंपी। भाजपा नेताओं का कहना था कि उम्मीदवार ऋणी नहीं हैं, ऐसे में उनकी पात्रता की जांच होनी चाहिए। भाजपा की ओर से ललित सिंह सिसोदिया, सन्नी पोखरना और नीरज सामर ने विरोध दर्ज कराया।

विरोध की सूचना मिलते ही कांग्रेस समर्थक नेता भी मौके पर पहुंच गए। कांग्रेस की ओर से लालसिंह झाला, डॉ. मांगीलाल गरासिया, दिनेश श्रीमाली, गौरव प्रताप सिंह सहित कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। दोनों पक्षों के आमने-सामने आने से माहौल तनावपूर्ण हो गया और जमकर नारेबाजी हुई।
स्थिति को बिगड़ता देख पुलिस प्रशासन ने बैंक परिसर को छावनी में तब्दील कर दिया। चैनल गेट बंद कर दिया गया और केवल संचालक मंडल के निर्वाचित सदस्यों को ही अंदर प्रवेश की अनुमति दी गई। मौके पर एएसपी सूर्यवीर सिंह राठौड़ और थानाधिकारी आदर्श कुमार ने मोर्चा संभालते हुए हालात को नियंत्रित किया।

दोपहर करीब 3:15 बजे निर्वाचन अधिकारी ने परिणाम घोषित करते हुए मधुरेश नागदा को अध्यक्ष और करण सिंह को उपाध्यक्ष निर्वाचित घोषित किया। परिणाम सामने आते ही कांग्रेस समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई। बैंक परिसर के बाहर कार्यकर्ताओं ने आतिशबाजी की और नारेबाजी करते हुए जश्न मनाया। बाहर निकलते ही मथुरेश नागदा का फूल-मालाओं से भव्य स्वागत किया गया।
पूरे घटनाक्रम के दौरान क्षेत्र में राजनीतिक माहौल गरमाया रहा, लेकिन पुलिस की मुस्तैदी के चलते कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ।