प्राइम टाइम/गोगुंदा: प्रदेश में ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण की दिशा में पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग ने महत्वपूर्ण पहल करते हुए विभिन्न बावड़ियों के पुनरुद्धार और विकास कार्यों को मंजूरी दी है। राज्य के परिवर्तित बजट 2024-25 के तहत प्रथम चरण में 15 प्रमुख बावड़ियों का जीर्णोद्धार किया जाएगा। इसके लिए 1.81 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई है।
इस योजना में उदयपुर जिले के गोगुंदा स्थित ऐतिहासिक बाईजी की बावड़ी, सलूम्बर की महादेव मंदिर बावड़ी (इटाली) और नाथद्वारा के छोटा गोपालपुरा की बावड़ी को शामिल किया गया है।

गोगुंदा (उदयपुर) स्थित बाईजी की बावड़ी की दुर्दशा
गोगुंदा (उदयपुर) स्थित बाईजी की बावड़ी मेवाड़ की गौरवशाली जल स्थापत्य कला का अद्भुत उदाहरण है। ऐतिहासिक जानकारी के अनुसार इसका निर्माण महाराणा राजसिंह की राजकुमारी चांदकंवर (बाईजी राज) के सम्मान में लगभग 400-500 वर्ष पूर्व कराया गया था।
वर्तमान में यह ऐतिहासिक धरोहर देखरेख के अभाव में जर्जर अवस्था में पहुंच चुकी है। बावड़ी की सीढ़ियां और दीवारें क्षतिग्रस्त हो रही हैं तथा इसमें जमा गंदगी इसकी पहचान को प्रभावित कर रही है। अब स्थानीय मांग और ऐतिहासिक महत्व को ध्यान में रखते हुए इसके संरक्षण और सौंदर्यीकरण की योजना तैयार की गई है, जिससे आने वाले समय में यह स्थल पर्यटन के रूप में भी विकसित हो सकेगा।