गोगुंदा : क्षत्रीय कचेलिया (घांची) तेली समाज, 15 गांव गोगुंदा की बैठक रविवार को स्थानीय तेली समाज के नोहरे में आयोजित हुई। बैठक में समाज के वरिष्ठजन, युवा एवं विभिन्न गांवों से आए प्रतिनिधियों की बड़ी संख्या में भागीदारी रही।

लंबी चर्चा एवं विचार-विमर्श के बाद सर्वसम्मति से आगामी भव्य तुलसी विवाह महोत्सव की तिथि 20 एवं 21 नवंबर 2026 तय की गई। समाजजनों ने इस आयोजन को अभूतपूर्व, भव्य एवं ऐतिहासिक बनाने का संकल्प लिया।
बैठक में महोत्सव के अंतर्गत आयोजित होने वाले धार्मिक, सांस्कृतिक एवं पारंपरिक कार्यक्रमों की विस्तृत रूपरेखा भी तैयार की गई। निर्णयानुसार इस बार तुलसी विवाह महोत्सव में बिनौली, भव्य शोभायात्रा, हल्दी-मेहंदी, महिला संगीत, भजन संध्या, ठाकुरजी की विशेष पूजा-अर्चना सहित विभिन्न पारंपरिक कार्यक्रम आकर्षण का केंद्र रहेंगे।

समाज के वरिष्ठजनों ने कहा कि यह आयोजन केवल धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज की एकता, संस्कृति और परंपराओं का विराट उत्सव है। आयोजन को सफल बनाने के लिए अलग-अलग समितियों के गठन का निर्णय लिया गया, साथ ही प्रत्येक गांव से समाजजनों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
बैठक में युवाओं को प्रचार-प्रसार एवं व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी सौंपी गई, वहीं महिलाओं की भागीदारी को भी विशेष महत्व दिया गया। समाजजनों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर आयोजन को सफल बनाने का आह्वान किया गया।

इस अवसर पर राम लाल तेली (गोगुंदा), देवी लाल तेली (गोगुंदा), लालूराम तेली (गोगुंदा), बाबूलाल तेली (दादिया), भंवरलाल तेली (छापरा), अर्जुनलाल तेली (खाखड़ी), रोशन तेली (मजावद), मांगीलाल तेली (तरपाल), एडवोकेट राजेश तेली, एडवोकेट भगवतीलाल तेली, ओमप्रकाश तेली, कमलेश तेली (धीरजी का गुड़ा), कमलेश तेली (गोगुंदा) महनोहर तेली (खाखड़ी), योगेश तेली (खाखड़ी), विनोद तेली (गोगुंदा), सुरेश तेली (गोगुंदा), मांगी लाल तेली (गोगुंदा), हीरा लाल तेली (खाखड़ी), मनोहर तेली, गणेश लाल तेली (छापरा) सहित बड़ी संख्या में समाज के वरिष्ठजन एवं गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे।

समाज के प्रतिनिधियों ने बताया कि इस वर्ष का तुलसी विवाह महोत्सव पूरे गोगुंदा क्षेत्र में विशेष पहचान बनाएगा तथा हजारों श्रद्धालुओं और समाजजनों की भागीदारी की संभावना है। बैठक के दौरान उत्साहपूर्ण माहौल रहा और समाजजनों ने एक स्वर में एकता को समाज की सबसे बड़ी शक्ति बताया।
बैठक के अंत में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि आगामी दिनों में गांव-गांव संपर्क अभियान चलाकर प्रत्येक परिवार को आयोजन से जोड़ा जाएगा, ताकि 20-21 नवंबर 2026 का यह आयोजन क्षेत्र के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज हो सके।