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August 28, 2026 1:51 pm

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जसवंतगढ़ ग्राम सेवा शिविर में अव्यवस्थाओं पर भड़के भाजपा-कांग्रेस नेता, अधिकारियों पर लापरवाही के आरोप

प्राइम टाइम/गोगुंदा : गोगुंदा क्षेत्र की प्रमुख पंचायतों में शामिल जसवंतगढ़ ग्राम पंचायत में गुरुवार को आयोजित ग्राम सेवा शिविर अव्यवस्थाओं और विवादों के चलते चर्चा में रहा। शिविर में ग्रामीणों के कार्य नहीं होने, सूचना के अभाव और अधिकारियों की अनुपस्थिति को लेकर भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों के स्थानीय नेताओं ने प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई।
भाजपा युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष अशोक जोशी ने शिविर की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार की मंशा योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की है, लेकिन अधिकारियों की लापरवाही के चलते यह उद्देश्य पूरा नहीं हो पा रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि पंचायत में पर्याप्त प्रचार-प्रसार नहीं होने से बड़ी संख्या में ग्रामीण शिविर तक पहुंच ही नहीं पाए। शिविर स्थल पर जनप्रतिनिधियों के बैठने की उचित व्यवस्था नहीं थी, वहीं कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर अनुपस्थित रहे, जिससे ग्रामीणों को निराशा हाथ लगी।
उन्होंने राजस्व, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED), चिकित्सा एवं आंगनबाड़ी सेवाओं में अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए कहा कि इस संबंध में रिपोर्ट जिला कलेक्टर एवं स्थानीय विधायक को भेजी जाएगी।


वहीं कांग्रेस देहात जिला उपाध्यक्ष नारायण पालीवाल ने भी शिविर की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि पूर्व में आयोजित शिविरों में दर्ज समस्याओं का अब तक समाधान नहीं हो पाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिविर में वरिष्ठ अधिकारियों के स्थान पर कनिष्ठ कर्मचारियों को भेजा गया, जो समस्याओं का समाधान करने में सक्षम नहीं थे, जिससे आमजन का भरोसा कमजोर हो रहा है।
शिविर के दौरान वार्ड नंबर 3 के वार्ड पंच ने ग्राम विकास अधिकारी (VDO) पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पंचायत में पिछले पांच वर्षों में नरेगा एवं अन्य मदों में हुए कार्यों की जानकारी मांगने पर अधिकारी स्पष्ट जवाब नहीं दे रहे हैं। उन्होंने विकास कार्यों में भेदभाव और पारदर्शिता की कमी का भी आरोप लगाया।
ग्रामीणों ने जल जीवन मिशन के कार्यों को लेकर भी नाराजगी जताई। उन्होंने बताया कि वर्ष 2023-24 में स्वीकृत योजना कागजों में पूर्ण दिखाने के बावजूद जमीनी स्तर पर पानी की समस्या बनी हुई है। विभागीय कर्मियों द्वारा बजट की कमी और ठेकेदार के काम बंद करने का हवाला दिया जा रहा है। इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना की किस्तों में देरी और नरेगा में रोजगार नहीं मिलने जैसी समस्याएं भी सामने आईं।
हालांकि, शिविर में एक सकारात्मक पहल के तहत तहसीलदार प्रवीण कुमार सैनी की मौजूदगी में राजीविका गोगुंदा ब्लॉक द्वारा स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से ₹13.15 लाख का बैंक ऋण स्वीकृत किया गया। इसके बावजूद अन्य विभागों की सुस्ती के चलते यह उपलब्धि भी फीकी नजर आई।
शिविर में उठे मुद्दों के बाद अब प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं और ग्रामीणों ने समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की है।

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