प्राइम टाइम/उदयपुर: मेवाड़ की गौरवशाली विद्यादान परंपरा को आगे बढ़ाते हुए मेवाड़ के 77वें श्री एकलिंग दीवान डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, जगदीश चौक, उदयपुर की छात्राओं की सम्पूर्ण वार्षिक शुल्क राशि वहन कर एक प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किया है। वर्ष 2023 से निरंतर जारी यह पहल बालिका शिक्षा के प्रति उनकी सामाजिक प्रतिबद्धता और ऐतिहासिक परंपराओं के संरक्षण को दर्शाती है।
इस अवसर पर डॉ. मेवाड़ ने कहा कि बालिका शिक्षा सशक्त समाज की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि देश की बेटियां आज हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं और हाल ही में आयोजित कॉमनवेल्थ खेल 2026 में भी उन्होंने देश का गौरव बढ़ाया है। बावजूद इसके कई बालिकाएं विभिन्न कारणों से शिक्षा बीच में ही छोड़ देती हैं, जिन्हें मुख्यधारा से जोड़ना आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि अपने पूर्वजों की परंपराओं का निर्वहन करते हुए वे शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, पशु कल्याण, शहीद सैनिकों की वीरांगनाओं और पूर्व सैनिकों के कल्याण सहित विभिन्न सामाजिक सरोकारों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। साथ ही ‘गो ग्रीन’ और ‘सेव वाटर’ जैसे अभियानों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता भी फैला रहे हैं।
विद्यालय की प्राचार्या दुर्गेश कुमारी शर्मा ने बताया कि मेवाड़ में शिक्षा को सदैव विशेष महत्व दिया गया है। महाराणाओं ने प्रजाहित के लिए योजनाबद्ध तरीके से शिक्षा का विस्तार किया। उन्होंने बताया कि 162 वर्ष पूर्व महाराणा शम्भूसिंह के शासनकाल में वर्ष 1864 में उदयपुर राज्य का पहला विद्यालय ‘शम्भूरत्न पाठशाला’ स्थापित किया गया, जिसे 1866 में कन्या विद्यालय के रूप में विकसित किया गया। यह संस्थान मेवाड़ रियासत द्वारा स्थापित देश के प्रारंभिक कन्या विद्यालयों में से एक है।
यह पहल न केवल बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित कर रही है, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव का संदेश भी दे रही है।