प्राइम टाइम/डेस्क: पेट्रोल और डीजल की बढ़ती खपत को कम करने तथा सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में केंद्र सरकार की पहल के बाद अब राजस्थान सरकार भी प्रशासनिक स्तर पर बड़े बदलावों की तैयारी करती दिखाई दे रही है। राज्य सरकार सरकारी कर्मचारियों के लिए सप्ताह में दो दिन वर्क फ्रॉम होम (WFH) सुविधा लागू करने की संभावना पर विचार कर रही है।
सूत्रों के अनुसार इस प्रस्ताव पर अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है, लेकिन विभिन्न विभागों से सुझाव मांगे गए हैं। सरकार कर्मचारियों की कार्यक्षमता, ट्रैफिक दबाव और ईंधन खपत को ध्यान में रखते हुए इस व्यवस्था का मूल्यांकन कर रही है।
इसी क्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण को लेकर सक्रिय नजर आ रहे हैं। हाल ही में उन्होंने अपने सरकारी काफिले में वाहनों की संख्या कम करने के साथ इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के उपयोग को बढ़ावा दिया है। राज्य के कई मंत्री और जनप्रतिनिधि भी अब छोटे काफिलों और ईवी वाहनों का उपयोग करते दिखाई दे रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह व्यवस्था लागू होती है तो इससे ट्रैफिक दबाव कम होने, प्रदूषण घटाने और ईंधन की बचत जैसे कई सकारात्मक परिणाम सामने आ सकते हैं। हालांकि अंतिम निर्णय सरकार की समीक्षा और विभागीय रिपोर्ट के बाद ही लिया जाएगा।