प्राइम टाइम: नरेगा के स्थान पर लागू किए नए कानून वीबी जी राम जी कानून को लेकर भाजपा कांग्रेस दिनों जबरदस्त आमने सामने है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार पुर राजस्थान में इस कानून के विरोध में कांग्रेस गांव गांव पहुंचकर इसके नुकसान बता रही है वहीं भाजपा भी पीछे नहीं है कानून की विशेषताओं को लेकर भाजपा भी मैदान में आरपार की लड़ाई लड़ रही है। उदयपुर जिले के गोगुंदा विधानसभा में भाजपा ने बुधवार को जी राम जी योजना को लेकर आमसभा और ट्रेक्टर रैली का आयोजन आयोजित किया। करीब 125 ट्रैक्टरों पर सवार होकर भाजपा नेताओं ने गोगुंदा से देवला तक रैली निकाली। रैली को संबोधित करते हुए गोगुंदा विधायक प्रताप भील ने कहा कि कांग्रेस के लोग इस नरेगा में भ्रष्टाचार करके अपनी राजनीतिक रोटियां सेकते थे। जो अब पूरी तरह बंद हो चुका है। पूर्व में मनरेगा योजना के तहत मरे हुए लोगों के पैसे उठाए जाते थे। विधायक ने कहा कि अब नए कानून के तहत मजदूरी का पैसा 15 दिन में खाते में आएगा। खेती बाड़ी के समय मजदूर उपलब्ध होंगे। उन्होंने इस योजना से होने वाले कई फायदे बताए और आमजन को भ्रमित नहीं होने के लिए आव्हान किया। रैली में भाजपा देहात जिलाध्यक्ष पुष्कर तेली, पूर्व उप प्रधान लक्ष्मण सिंह झाला ,जी राम जी के जिला सहसंयोजक पप्पू राणा भील, नंदेशमा के मंडल अध्यक्ष नवल सिंह चदाणा, देवला के मंडल अध्यक्ष राजाराम गरासिया, गोगुंदा मंडल अध्यक्ष निखिल कोठारी, नाहर सिह देवड़ा, जिला मंत्री अंदा राम गरायिया, कलाराम गरासिया, महामंत्री सुरेश सोनी, शांमताराम गययिया, कालूराम गरासिया एवं सरपंचगण सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

मनरेगा बंद करना गरीबों की रोजी रोटी पर सीधा हमला – झाला
इधर, राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव लालसिंह झाला ने देवला में एक सभा में भाजपा द्वारा बिना लोकसभा में चर्चा के लागू किए वीबी जी राम जी कानून पर बोलते हुए कहा कि केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना मनरेगा को खत्म करना देश में आमजन के साथ धोखा एवं गरीबों की रोजी रोटी पर सीधा हमला है। झाला ने कहा कि मनरेगा वर्तमान समय में देश में गरीबा एवं कमजोर तबके के लोगों के जीवन यापन का मुख्य साधन है और मोदी सरकार उद्योगपतियों के दबाव में आकर इस योजना को बंद कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में हर वर्ग दुखी है तथा भ्रष्टाचार का बोलबाला है। कार्यक्रम में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी गोगुंदा (ए) के अध्यक्ष रामसिंह चदाणा, मंडल अध्यक्ष नीकाराम गरासिया, चंपाराम गरासिया नेताराम, युवा नेता भाणाराम गरासिया, शंकरलाल गरासिया, नेताराम गरासिया, सरपंच लाडूराम, सरपंच प्रतिनिधि कालाराम गरासिया, लच्छाराम, रतनलाल क्यारी, कालाराम बेकरियां सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

क्या है नया वीबी जी राम जी कानून
वीबी जी राम जी कानून (VB-G RAM G Act 2025) केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा (MGNREGA) की जगह लाया गया नया कानून है। इसका पूरा नाम विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) है। यह कानून ग्रामीण रोजगार गारंटी को 100 दिन से बढ़ाकर 125 दिन कर देता है, और वेतन भुगतान 15 दिन की जगह 7 दिन में करने का प्रावधान है। इसमें तकनीक जैसे जियो टैगिंग, जीआईएस मैपिंग, और एआई का उपयोग करके पारदर्शिता बढ़ाने पर जोर दिया गया है। यह कानून जल संरक्षण, ग्रामीण बुनियादी ढांचे, और जलवायु परिवर्तन से निपटने वाले कार्यों पर फोकस करता है।
नए कानून को लेकर कांग्रेस का क्यों है विरोध
कांग्रेस पार्टी वी बी जी राम जी कानून (Vishwas Bharat-Gramin Rozgar Guarantee Act 2025) का जोरदार विरोध कर रही है। उनका मुख्य आरोप है कि यह कानून मनरेगा (MGNREGA) को खत्म करने की साजिश है, जो गरीबों और मजदूरों के लिए एक महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच था। कांग्रेस का कहना है कि मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाना उनके विचारों और विरासत का अपमान है। यह भाजपा-आरएसएस की एक साजिश है जो गांधी जी के नाम को हटाकर उनकी विचारधारा को खत्म करना चाहती है। कांग्रेस आरोप लगा रही है कि यह नया कानून गरीबों के अधिकारों पर हमला है। यह कानून गरीबों को भूखा मरने के लिए छोड़ना चाहता है और सत्ता को केंद्रीकृत करना चाहता है। कांग्रेस का कहना है कि यह कानून राज्यों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ डालेगा, जिससे कई राज्य इसे लागू नहीं कर पाएंगे और यह योजना धीरे-धीरे खत्म हो जाएगी।
कांग्रेस का आरोप है कि इस कानून को बिना किसी राज्य सरकार या संसद की स्थायी समिति से चर्चा किए लाया गया है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। कांग्रेस का कहना है कि यह कानून काम के अधिकार को मजबूत करने के बजाय कमजोर कर रहा है। इसमें 125 दिन का रोजगार देने का वादा है, लेकिन यह केवल कुछ पंचायतों में लागू होगा और बेरोजगारी भत्ता 15 दिन में देने का प्रावधान भी कमजोर है ⁴।
कांग्रेस ने इस कानून के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन शुरू किया है, जिसमें जन-जागरण, रैलियां, धरना प्रदर्शन, और विधानसभाओं का घेराव शामिल है। वे इस कानून को वापस लेने और मनरेगा को उसके मूल स्वरूप में बहाल करने की मांग कर रहे हैं।

