बैंक ऑफ बड़ौदा के 119वें स्थापना दिवस पर मुंबई में मिला गौरव
मुंबई/उदयपुर, 20 जुलाई: बैंक ऑफ बड़ौदा के 119वें स्थापना दिवस के अवसर पर मुंबई स्थित जियो कन्वेंशन सेंटर (बीकेसी) में आयोजित भव्य समारोह में डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ को सामाजिक सेवा एवं जनकल्याण के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया।
डॉ. मेवाड़ लंबे समय से शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास, ग्रामीण उत्थान, महिला सशक्तिकरण, पर्यावरण संरक्षण तथा भारतीय संस्कृति एवं विरासत के संरक्षण-संवर्धन के क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। विशेष रूप से युवाओं के सर्वांगीण विकास हेतु उनके प्रयासों को समाज में व्यापक सराहना मिल रही है। बैंक ऑफ बड़ौदा द्वारा प्रदान किया गया यह सम्मान उनके सामाजिक सरोकारों और जनसेवा के प्रति दीर्घकालीन समर्पण की महत्वपूर्ण पहचान माना जा रहा है।

सम्मान ग्रहण करने के बाद अपने संबोधन में डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने कहा कि बैंक ऑफ बड़ौदा के साथ उनके परिवार का चार पीढ़ियों से विश्वास और आत्मीयता का संबंध रहा है। उन्होंने कहा कि विभिन्न वित्तीय संस्थानों के आकर्षक प्रस्ताव मिलने के बावजूद उनका विश्वास सदैव बैंक ऑफ बड़ौदा पर ही कायम रहा है। उन्होंने बैंक के 119वें स्थापना दिवस पर शुभकामनाएं देते हुए विश्वास जताया कि यह प्रतिष्ठित संस्था भविष्य में भी उत्कृष्ट बैंकिंग सेवाओं और सामाजिक उत्तरदायित्व के साथ नई ऊंचाइयों को प्राप्त करती रहेगी।
समारोह में बैंक के वरिष्ठ पदाधिकारी, विशिष्ट अतिथि, उद्योग जगत के प्रतिनिधि एवं देशभर से आमंत्रित सम्मानित ग्राहक उपस्थित रहे। कार्यक्रम में क्रिकेट जगत के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर की गरिमामयी उपस्थिति भी विशेष आकर्षण का केंद्र रही।

इन विशिष्ट हस्तियों को भी किया गया सम्मानित
समारोह में देशभर के कई प्रतिष्ठित समाजसेवियों और नवाचारकर्ताओं को भी उनकी विशिष्ट उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया—
- श्रीमती जमुना टुडू (पर्यावरणविद्): ‘लेडी टार्जन’ के नाम से प्रसिद्ध जमुना टुडू ने सामुदायिक भागीदारी से वन संरक्षण में उल्लेखनीय कार्य किया है।
- सुश्री पूजा (वैज्ञानिक): लखनऊ की युवा वैज्ञानिक ने कृषि क्षेत्र के लिए पर्यावरण-अनुकूल डस्टलेस थ्रेशर विकसित कर अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाई।
- श्री हरेकला हजब्बा (सामाजिक कार्यकर्ता): संतरा विक्रेता से समाजसेवी बने हजब्बा ने अपने गांव में विद्यालय स्थापित कर शिक्षा का विस्तार किया।
- श्री जादव पायेंग (पर्यावरणविद्): ‘फॉरेस्ट मैन ऑफ इंडिया’ के नाम से विख्यात पायेंग ने बंजर भूमि को घने वन में बदलने का अद्वितीय कार्य किया।
यह समारोह सामाजिक सेवा, नवाचार और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाले व्यक्तित्वों के सम्मान का प्रेरणादायक मंच बना।