जिला परिषद व पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव चार चरणों में, 20 नवंबर को होगी मतगणना; पंच-सरपंच के लिए 25 अक्टूबर से 16 नवंबर तक मतदान
गोगुंदा। राजस्थान में पंचायतीराज संस्थाओं के आम चुनाव-2026 का कार्यक्रम घोषित होने के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। राज्य निर्वाचन आयोग ने जिला परिषद एवं पंचायत समिति सदस्य तथा ग्राम पंचायतों में सरपंच एवं वार्ड पंच के चुनाव चार चरणों में कराने का कार्यक्रम जारी किया है। चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में आचार संहिता भी प्रभावी हो गई है।
उदयपुर जिले के गोगुंदा, सायरा, कोटड़ा, देवला और सुलाव सहित जिले की पंचायत समितियों में भी चुनावी प्रक्रिया इसी कार्यक्रम के तहत आगे बढ़ेगी। हाल ही में इन क्षेत्रों में पंचायत समिति सदस्य पदों के आरक्षण की स्थिति भी स्पष्ट हो चुकी है। गोगुंदा, सायरा, कोटड़ा और सुलाव के प्रधान पद अनुसूचित जनजाति के लिए खुले वर्ग में आरक्षित हैं, जबकि देवला प्रधान पद अनुसूचित जनजाति महिला के लिए आरक्षित है।
जिला परिषद व पंचायत समिति सदस्य के चुनाव
राज्य निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार जिला परिषद एवं पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव चार चरणों में होंगे। पहले चरण का मतदान 23 अक्टूबर, दूसरे चरण का 29 अक्टूबर, तीसरे चरण का 4 नवंबर और चौथे चरण का मतदान 14 नवंबर 2026 को होगा। सभी चरणों में मतदान का समय सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक रहेगा। सभी चरणों की मतगणना 20 नवंबर 2026 को होगी।
पहले चरण के लिए जिला परिषद सदस्य पद के नामांकन की प्रक्रिया 8 अक्टूबर से शुरू होकर 13 अक्टूबर तक चलेगी। नामांकन पत्रों की जांच 14 अक्टूबर को तथा नाम वापसी एवं चुनाव चिह्न आवंटन 15 अक्टूबर को होगा। पंचायत समिति सदस्य पद के लिए अलग-अलग चरणों के अनुसार नामांकन की तिथियां निर्धारित की गई हैं। दूसरे चरण के लिए नामांकन की अंतिम तिथि 16 अक्टूबर, तीसरे चरण के लिए 23 अक्टूबर और चौथे चरण के लिए 4 नवंबर निर्धारित है।
पंच-सरपंच के चुनाव भी चार चरणों में
ग्राम पंचायतों में पंच एवं सरपंच पदों के चुनाव भी चार चरणों में होंगे। पहले चरण में 25 अक्टूबर, दूसरे चरण में 31 अक्टूबर, तीसरे चरण में 6 नवंबर तथा चौथे चरण में 16 नवंबर को मतदान कराया जाएगा। पंच-सरपंच पद के चुनाव बैलेट पेपर से होंगे और मतदान समाप्त होने के बाद उसी दिन मतगणना की जाएगी।
दूसरे चरण में पंच-सरपंच के लिए 30 अक्टूबर को नामांकन प्रक्रिया होगी और 31 अक्टूबर को मतदान व मतगणना होगी। तीसरे चरण के लिए नामांकन 5 नवंबर और मतदान 6 नवंबर को तथा चौथे चरण के लिए नामांकन 15 नवंबर और मतदान 16 नवंबर को निर्धारित है।

प्रदेश में बड़े पैमाने पर चुनाव
राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार प्रदेश की 41 जिला परिषदों, 457 पंचायत समितियों और 14,403 ग्राम पंचायतों में चुनाव होंगे। इनमें 1,403 जिला परिषद सदस्य और 8,245 पंचायत समिति सदस्य चुने जाएंगे। ग्राम पंचायतों में सरपंच एवं वार्ड पंचों के चुनाव भी इसी चुनाव प्रक्रिया का हिस्सा होंगे।
चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के बाद गोगुंदा, सायरा, कोटड़ा, देवला और सुलाव क्षेत्र में संभावित प्रत्याशियों और राजनीतिक दलों की गतिविधियां तेज होने की संभावना है। आरक्षण की स्थिति स्पष्ट होने के बाद विभिन्न पदों के दावेदारों ने पहले ही जनसंपर्क शुरू कर दिया है। अब नामांकन प्रक्रिया शुरू होने के साथ ग्रामीण क्षेत्र में चुनावी गतिविधियां और अधिक तेज होंगी।