वोटर लिस्ट में नाम नहीं होने पर ग्रामीण ने उठाए सवाल, एसडीओ बोले- चुनाव घोषणा के बाद नए नाम नहीं जुड़ सकते
गोगुंदा। पंचायती राज चुनाव को लेकर मतदाता सूची में नाम नहीं होने का मामला सामने आने के बाद ओबरा खुर्द निवासी केशुलाल लोहार ने प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। केशुलाल का कहना है कि रोजगार के सिलसिले में वे मुंबई में रहते हैं। चुनाव से पहले उन्हें जानकारी मिली कि उनका और उनके परिवार के सदस्यों का नाम पंचायती राज की मतदाता सूची में शामिल नहीं है। इसके बाद वे मुंबई से अपने गांव पहुंचे और मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए संबंधित अधिकारियों से संपर्क किया।
पीड़ित के अनुसार उनके पास वोटर आईडी सहित अन्य आवश्यक दस्तावेज मौजूद हैं। उन्होंने गोगुंदा पहुंचकर निर्वाचन संबंधी कार्य देख रहे अधिकारी से संपर्क किया तथा नाम जुड़वाने के लिए आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने का प्रयास किया। केशुलाल का आरोप है कि बीएलओ एवं परिजनों के हस्ताक्षर सहित जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराने के बावजूद उन्हें दो-तीन दिनों तक कार्यालय के चक्कर लगाने पड़े।
आचार संहिता से पहले संपर्क करने का दावा
केशुलाल का कहना है कि जब वे मुंबई से गोगुंदा पहुंचे और मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के संबंध में अधिकारियों से संपर्क किया, उस समय चुनाव आचार संहिता लागू नहीं हुई थी। उनका आरोप है कि इसके बावजूद उन्हें दो-तीन दिनों तक दस्तावेज और प्रक्रिया के नाम पर घुमाया गया। बाद में उन्हें बताया गया कि आवेदन जमा करने की निर्धारित तारीख निकल चुकी है और अब नया नाम नहीं जोड़ा जा सकता।
पीड़ित ने सवाल उठाया कि यदि निर्धारित समय सीमा समाप्त हो चुकी थी तो उन्हें शुरुआत में ही इसकी स्पष्ट जानकारी क्यों नहीं दी गई। उनका कहना है कि समय रहते स्थिति स्पष्ट कर दी जाती तो उन्हें मुंबई से गोगुंदा आने और कई दिनों तक कार्यालय के चक्कर लगाने की परेशानी नहीं उठानी पड़ती।
सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट कर जताई नाराजगी
मामले को लेकर केशुलाल ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट कर अपनी नाराजगी जाहिर की। वीडियो में उन्होंने पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए मतदाता सूची में नाम नहीं होने और अधिकारियों के स्तर पर हुई कथित लापरवाही को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने मामले की जांच कराने तथा लापरवाही बरतने वाले बीएलओ सहित जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
एसडीओ ने कहा—चुनाव घोषणा के बाद नए नाम नहीं जुड़ सकते
मामले में गोगुंदा उपखंड अधिकारी जगदीश सिंह आशिया ने कहा कि चुनाव की घोषणा राज्य निर्वाचन आयोग करता है, प्रशासन अपने स्तर पर चुनाव की घोषणा नहीं करता। उन्होंने स्पष्ट किया, “चुनाव की घोषणा राज्य निर्वाचन आयोग करता है, हम नहीं करते। आयोग किसी से पूछकर चुनाव की घोषणा नहीं करता। चुनाव घोषणा के होते ही अब नए नाम नहीं जुड़ सकते।”
एसडीओ के अनुसार चुनाव की घोषणा के बाद मतदाता सूची में नए नाम जोड़ने की प्रक्रिया नहीं की जा सकती। वहीं, पीड़ित का कहना है कि उन्होंने चुनाव की घोषणा से पहले ही गोगुंदा पहुंचकर संबंधित अधिकारियों से संपर्क किया था और इसके बावजूद उन्हें दो-तीन दिनों तक कार्यालय के चक्कर लगाने पड़े। पीड़ित ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारों की जवाबदेही तय करने और पात्र मतदाताओं के मताधिकार से जुड़े मामलों में लापरवाही नहीं बरतने की मांग की है।