Explore

Search

October 25, 2026 2:04 am

उदयपुर की पांच नगरपालिकाओं में अलग-अलग सियासी समीकरण: कहीं लॉटरी, कहीं बगावत तो कहीं सीधा बहुमत

मावली में 10-10 की बराबरी के बाद लॉटरी से भाजपा के राकेश मीणा अध्यक्ष, फतहनगर में बहुमत के बावजूद भाजपा का बोर्ड नहीं बन सका

उदयपुर। उदयपुर जिले की पांच नगरपालिकाओं—मावली, फतहनगर-सनवाड़, भींडर, वल्लभनगर और कानोड़—में सोमवार को अध्यक्ष पद के चुनाव के साथ ही स्थानीय राजनीति के अलग-अलग रंग देखने को मिले। कहीं पार्षदों की संख्या के अनुरूप ही अध्यक्ष का चुनाव हुआ, तो कहीं बागी प्रत्याशी और समर्थन बदलने से पूरा समीकरण बदल गया। मावली में तो 10-10 वोट की बराबरी के बाद लॉटरी से अध्यक्ष का फैसला करना पड़ा। वहीं फतहनगर-सनवाड़ में भाजपा के 13 पार्षद होने के बावजूद निर्दलीय ममता चपलोत अध्यक्ष चुनी गईं। पांचों निकायों में अध्यक्ष चुनाव के प्रमुख घटनाक्रम इस प्रकार रहे।

मावली: 10-10 की बराबरी, लॉटरी ने तय किया अध्यक्ष

मावली नगरपालिका में कुल 20 वार्ड हैं। पार्षद चुनाव में कांग्रेस को 10, भाजपा को 9 और एक सीट निर्दलीय के खाते में गई थी। बहुमत का आंकड़ा 11 था। अध्यक्ष पद के लिए भाजपा की ओर से राकेश कुमार मीणा और कांग्रेस की ओर से पुष्पा कुमारी मैदान में थीं। चुनाव से पहले ही एकमात्र निर्दलीय पार्षद के समर्थन को लेकर दोनों दलों के बीच राजनीतिक गतिविधियां तेज थीं।

अध्यक्ष पद के मतदान में दोनों प्रत्याशियों को 10-10 वोट मिले। निर्दलीय पार्षद के भाजपा के समर्थन में जाने के बाद भी मतदान का अंतिम आंकड़ा बराबरी पर रहा। इसके बाद नियम के अनुसार लॉटरी से फैसला किया गया, जिसमें भाजपा के राकेश मीणा अध्यक्ष निर्वाचित हुए।

मावली का परिणाम इसलिए खास रहा क्योंकि कांग्रेस के पास पार्षदों की संख्या भाजपा से एक अधिक थी, लेकिन अध्यक्ष पद का फैसला सामान्य बहुमत से नहीं हो सका और मामला सीधे लॉटरी तक पहुंच गया।

फतहनगर-सनवाड़: भाजपा के 13 पार्षद, फिर भी निर्दलीय ममता बनीं अध्यक्ष

फतहनगर-सनवाड़ में कुल 25 वार्ड हैं। यहां भाजपा के 13 और कांग्रेस के 12 पार्षद चुने गए थे। भाजपा बहुमत के आंकड़े पर थी, लेकिन अध्यक्ष पद के चुनाव से पहले ही पार्टी के भीतर का समीकरण बदल गया। भाजपा के पार्षद और पूर्व पालिका अध्यक्ष राजेश चपलोत अपनी पत्नी ममता चपलोत को निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में ले आए।

इसके बाद अध्यक्ष पद का मुकाबला भाजपा की सीमा सोनी और निर्दलीय ममता चपलोत के बीच रह गया। कांग्रेस की ओर से भी प्रत्याशी मैदान में थीं, लेकिन बाद में नामांकन वापस लेने के बाद मुकाबला दो प्रत्याशियों के बीच रह गया। कांग्रेस ने ममता चपलोत को समर्थन दिया।

मतदान में ममता चपलोत को 14 और भाजपा की सीमा सोनी को 11 वोट मिले। इस तरह भाजपा के पास 13 पार्षद होने के बावजूद पार्टी की अधिकृत प्रत्याशी अध्यक्ष नहीं बन सकीं और ममता चपलोत अध्यक्ष चुनी गईं।

फतहनगर में मतदान के दौरान माहौल भी गरमाया। रिपोर्टों के मुताबिक पूर्व पालिका अध्यक्ष व भाजपा पार्षद राजेश चपलोत तथा पार्षद बाबूलाल चोपड़ा को पुलिस ने हिरासत में लिया। इसके बाद कांग्रेस नेताओं और पार्षदों ने पुलिस-प्रशासन के खिलाफ विरोध जताया।

इससे पहले राजेश चपलोत से जुड़े मकान और फतहनगर स्थित होटल को लेकर प्रशासनिक नोटिस जारी होने की बात भी सामने आई थी। चपलोत के परिवार ने इन कार्रवाइयों को राजनीतिक दबाव से जोड़कर सवाल उठाए, जबकि प्रशासनिक कार्रवाई का अलग पक्ष था। उपलब्ध रिपोर्टों में इन आरोपों को स्वतंत्र रूप से चुनावी हेरफेर के रूप में प्रमाणित नहीं किया गया है।

फतहनगर का सीधा गणित:
भाजपा 13 + कांग्रेस 12 → अध्यक्ष चुनाव में ममता 14, सीमा 11।

भींडर: कांग्रेस के 13 पार्षद, अध्यक्ष को मिले 14 वोट

भींडर नगरपालिका में कुल 25 वार्ड हैं। यहां कांग्रेस ने 13 और भाजपा ने 12 वार्ड जीते थे। अध्यक्ष पद के लिए कांग्रेस के सुंदरलाल लिखमावत और भाजपा की मीना सामरिया आमने-सामने थीं।

मतदान में सुंदरलाल लिखमावत को 14 और मीना सामरिया को 11 वोट मिले। इस तरह कांग्रेस प्रत्याशी ने तीन वोट के अंतर से अध्यक्ष पद हासिल किया।

भींडर के परिणाम की खास बात यह रही कि कांग्रेस के 13 पार्षदों की तुलना में उसके अध्यक्ष प्रत्याशी को एक अतिरिक्त वोट मिला। यानी पार्टी के घोषित पार्षद आंकड़े से अध्यक्ष चुनाव का परिणाम एक वोट अधिक रहा।

भींडर का गणित:
कांग्रेस 13, भाजपा 12 → सुंदरलाल 14, मीना 11।

वल्लभनगर: भाजपा का 16-4 का सीधा गणित, सोवनी बाई बनीं पहली महिला चेयरमैन

वल्लभनगर नगरपालिका में कुल 20 वार्ड हैं। यहां भाजपा ने 16 और कांग्रेस ने 4 सीटें जीती थीं। बहुमत का आंकड़ा 11 था, यानी भाजपा के पास बहुमत से पांच सीट ज्यादा थीं।

अध्यक्ष पद पर भाजपा की सोवनी बाई भील और कांग्रेस की रामी बाई के बीच मुकाबला हुआ। मतदान में भाजपा की सोवनी बाई को 16 और कांग्रेस की रामी बाई को 4 वोट मिले।

इस तरह वल्लभनगर में पार्षद चुनाव का 16-4 का आंकड़ा अध्यक्ष चुनाव में भी बिल्कुल उसी रूप में दिखाई दिया। सोवनी बाई भील वल्लभनगर की पहली महिला चेयरमैन चुनी गईं।

वल्लभनगर का गणित:
भाजपा 16, कांग्रेस 4 → सोवनी बाई 16, रामी बाई 4।

कानोड़: 14 पार्षदों वाली कांग्रेस का बोर्ड, 29 वर्षीय रौनक स्वर्णकार अध्यक्ष

कानोड़ नगरपालिका में कुल 20 वार्ड हैं। कांग्रेस ने 14 और भाजपा ने 6 सीटें जीती थीं। बहुमत का आंकड़ा 11 था, इसलिए कांग्रेस के पास तीन सीट अधिक का स्पष्ट बहुमत था।

अध्यक्ष पद के लिए कांग्रेस ने 29 वर्षीय रौनक स्वर्णकार को मैदान में उतारा, जबकि भाजपा ने शिवकुमार सोनी को प्रत्याशी बनाया। खास बात यह रही कि भाजपा के प्रत्याशी शिवकुमार सोनी ने पार्षद का चुनाव नहीं लड़ा था। इसे स्थानीय रिपोर्टों में भाजपा के ‘हाइब्रिड फॉर्मूले’ के रूप में बताया गया।

अध्यक्ष पद के मतदान में रौनक स्वर्णकार को 14 और शिवकुमार सोनी को 6 वोट मिले। इस तरह कांग्रेस ने अपने सभी 14 पार्षदों के समर्थन के साथ अध्यक्ष पद हासिल किया और कानोड़ में कांग्रेस का बोर्ड बना।

कानोड़ का गणित:
कांग्रेस 14, भाजपा 6 → रौनक स्वर्णकार 14, शिवकुमार सोनी 6।

पांचों नगरपालिकाओं का पूरा चुनावी गणित

नगरपालिका पार्षद चुनाव अध्यक्ष चुनाव खास बात
मावली कांग्रेस 10, भाजपा 9, निर्दलीय 1 10-10, लॉटरी से राकेश मीणा बराबरी के बाद पर्ची से फैसला
फतहनगर-सनवाड़ भाजपा 13, कांग्रेस 12 ममता चपलोत 14, सीमा 11 भाजपा के बहुमत के बावजूद निर्दलीय अध्यक्ष
भींडर कांग्रेस 13, भाजपा 12 सुंदरलाल 14, मीना 11 कांग्रेस प्रत्याशी को एक अतिरिक्त वोट
वल्लभनगर भाजपा 16, कांग्रेस 4 सोवनी बाई 16, रामी 4 पार्षद और अध्यक्ष चुनाव का गणित समान
कानोड़ कांग्रेस 14, भाजपा 6 रौनक 14, शिवकुमार 6 29 वर्षीय रौनक अध्यक्ष, भाजपा ने गैर-पार्षद को उतारा

जिले की पांच नगरपालिकाओं ने दिखाए पांच अलग सियासी समीकरण

उदयपुर जिले की इन पांच नगरपालिकाओं के अध्यक्ष चुनाव में एक तरफ वल्लभनगर और कानोड़ जैसे निकाय रहे, जहां पार्षदों की संख्या के अनुरूप ही अध्यक्ष का चुनाव हुआ। दूसरी ओर भींडर में कांग्रेस प्रत्याशी को अपने दल के पार्षदों से एक वोट अधिक मिला। मावली में कांग्रेस के पास भाजपा से एक सीट ज्यादा होने के बावजूद मुकाबला 10-10 पर अटक गया और फैसला लॉटरी से हुआ। वहीं फतहनगर-सनवाड़ में भाजपा के 13 पार्षदों के बहुमत के बावजूद पार्टी के भीतर बगावत, निर्दलीय प्रत्याशी और कांग्रेस के समर्थन से अध्यक्ष पद का परिणाम बदल गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

विज्ञापन
लाइव क्रिकेट स्कोर