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October 25, 2026 5:41 am

बड़गांव प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग, मेघवाल समाज ने मुख्यमंत्री के नाम भेजा ज्ञापन

प्राइम टाइम/गोगुंदा: उदयपुर जिले के बड़गांव थाना क्षेत्र में दर्ज एक प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर मेघवाल समाज के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन प्रेषित किया है। ज्ञापन में मामले की जांच उदयपुर जिले से बाहर किसी निष्पक्ष वरिष्ठ अधिकारी से करवाने की मांग की गई है।
प्रार्थी भेरूलाल मेघवाल, निवासी बांसलिया (पोस्ट नांदेशमा, तहसील सायरा, जिला उदयपुर) ने ज्ञापन में बताया कि बड़गांव थाना क्षेत्र में 8 मार्च 2026 को दर्ज करवाई गई रिपोर्ट में कुछ व्यक्तियों पर पीड़ित रामलाल गमेती को जबरन कार में बैठाकर ले जाने का आरोप लगाया गया है। पुलिस द्वारा इस मामले में कई व्यक्तियों को गिरफ्तार भी किया गया है।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि इस पूरे घटनाक्रम में उनके भाई किशन मेघवाल का नाम प्रथम सूचना रिपोर्ट में कहीं भी दर्ज नहीं है। इसके बावजूद सोशल मीडिया और कुछ समाचार माध्यमों में उनका नाम इस प्रकरण से जोड़कर प्रचारित किया जा रहा है, जिससे उनकी सामाजिक और राजनीतिक छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि जिस वाहन में पीड़ित को बैठाकर ले जाने की बात कही जा रही है, वह वाहन किशन मेघवाल का नहीं है और न ही उसका उनसे कोई संबंध है। साथ ही घटना के समय किशन मेघवाल उदयपुर में नहीं होकर दिल्ली में होने का दावा भी किया गया है।
इसके अतिरिक्त 8 मार्च 2026 को रविवार का अवकाश होने के कारण जिले के सभी पंजीयन कार्यालय बंद थे, जबकि पीड़ित को जमीन की रजिस्ट्री करवाने के लिए जबरन ले जाने की बात कही जा रही है, जो तथ्यात्मक रूप से भी संदेहास्पद प्रतीत होती है।
ज्ञापन में बताया गया कि किशन मेघवाल वर्तमान में भाजपा उदयपुर देहात युवा मोर्चा के जिला मंत्री हैं और पूर्व में जिला परिषद सदस्य भी रह चुके हैं। वे सामाजिक एवं जनसेवा के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि उनकी सामाजिक और राजनीतिक सक्रियता तथा मेघवाल समाज में बढ़ते प्रभाव को देखते हुए कुछ विपक्षी राजनीतिक तत्व उनकी छवि को धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं।
साथ ही मामले की जांच के दौरान कुछ व्यक्तियों पर दबाव बनाकर बयान लिए जाने की आशंका भी व्यक्त की गई है, जिससे निष्पक्ष जांच पर सवाल उठ रहे हैं। मेघवाल समाज के प्रतिनिधियों ने मांग की है कि पूरे प्रकरण की जांच उदयपुर जिले से बाहर किसी निष्पक्ष वरिष्ठ अधिकारी से करवाई जाए, ताकि सत्य सामने आ सके और किसी निर्दोष व्यक्ति के साथ अन्याय न हो।
समाज के प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते निष्पक्ष जांच नहीं करवाई गई तो समाज में रोष की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्षता के साथ न्यायपूर्ण कार्रवाई करने की मांग की है।
इस संबंध में ज्ञापन की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री राजस्थान, केंद्रीय विधि मंत्री अर्जुनराम मेघवाल तथा डीजीपी राजस्थान को भी प्रेषित की गई है।

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